CEC के खिलाफ प्रदर्शन: दिल्ली में राहुल और प्रियंका गांधी हिरासत में, प्रियंका ने लगाया हमले का आरोप

देश की राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA गठबंधन का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। इसी बीच, जंतर मंतर के पास विरोध प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पिछले दो दिनों में यह तीसरी बार है जब इस जोड़ी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
हिरासत के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें जमीन पर धक्का दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। प्रियंका ने स्पष्ट किया कि संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष की यह लड़ाई जारी रहेगी। वहीं, कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने इस कार्रवाई पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को Z+ सुरक्षा मिली हुई है, फिर भी उन्हें अकेले एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया, जो सरासर अन्याय है। वारिंग ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया और प्रियंका गांधी को चोटें आईं।
वोट चोरी का आरोप और राजनीतिक घमासान
यह पूरा विवाद मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ है। राहुल गांधी ने इस प्रक्रिया को 'वोट चोरी' करार देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की वैधता पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CEC को सरकार की 'कठपुतली' बताया है, जबकि टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने संकेत दिए हैं कि प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहेंगे।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने महिला अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। इस मामले में राहुल और प्रियंका गांधी समेत अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी भवन परिसर में जबरन घुसने की कोशिश के लिए FIR भी दर्ज की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन पर 'अराजकता' फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि मतदाता सूची से मृत और फर्जी नामों को हटाना एक आवश्यक प्रक्रिया है।
गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पटना में भी प्रदर्शन हुए जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके गए।