सरदार पटेल को राहुल गांधी ने बताया 'आधुनिक भारत का निर्माता', दी भावभीनी श्रद्धांजलि

राहुल गांधी ने सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए एकता के वास्तुकार और आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में श्रद्धांजलि दी।

Kittu Kumari31 October 20262 min read0 viewsNational
सरदार पटेल को राहुल गांधी ने बताया 'आधुनिक भारत का निर्माता', दी भावभीनी श्रद्धांजलि

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर उन्हें याद किया। राहुल गांधी ने सरदार पटेल को 'एकता का वास्तुकार' और 'आधुनिक भारत का निर्माता' बताते हुए उनके प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे की एक मजबूत नींव रखी थी, जो आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

सरदार पटेल के योगदान को रेखांकित करते हुए राहुल गांधी ने उन्हें 'लौह पुरुष' के रूप में याद किया और कहा कि उनके आदर्शों ने राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने का काम किया। यह दिन देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो देश के एकीकरण में पटेल की निर्णायक भूमिका की याद दिलाता है।

देश के दिग्गजों ने भी किया नमन

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सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य शीर्ष नेताओं ने भी सरदार पटेल को याद किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें पुष्प अर्पित किए। इन नेताओं ने आजादी के बाद रियासतों के विलय और भारत को एक सूत्र में पिरोने में पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।

इसके अलावा, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और नेतृत्व ने ही एक संयुक्त भारत का सपना साकार किया। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने भी इस अवसर पर सरदार पटेल के राष्ट्र-निर्माण में दिए योगदान को याद किया।

गौरतलब है कि भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रहे सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देश की विभिन्न रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने का कठिन कार्य किया था, जिसे भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक माना जाता है।

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