"Votes stolen from top level": Rahul Gandhi slams CEC ahead of Ramlila Maidan rally, BJP says Congress "heading for doom"
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाते हुए सीईसी के इस्तीफे की मांग की है। जानिए क्या है पूरा मामला।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली में आयोजित 'वोट अधिकार जीने का अधिकार' जनसुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में "टॉप लेवल" से वोटों की चोरी हो रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें हटाने की अपील की है।
गरीबों को वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि करोड़ों भारतीयों के बुनियादी अधिकार यानी उनके वोट को व्यवस्थित तरीके से छीना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब लोगों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं ताकि एक ऐसा 'नया हिंदुस्तान' बनाया जा सके, जो केवल कुछ चुनिंदा अरबपतियों के नियंत्रण में हो। गांधी के अनुसार, आम नागरिकों और गरीबों के अधिकारों को खत्म कर देश को केवल अमीरों के फायदे के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं दे देते।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस जन आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। खड़गे ने सवाल उठाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की इतनी कोशिश क्यों कर रही है? उन्होंने इसे लोकतंत्र को कलंकित करने वाला कदम बताया और कहा कि संविधान और नागरिकों के वोट की रक्षा के लिए 'INDIA' गठबंधन अपनी लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रखेगा।
वहीं, एआईसीसी ऑब्जर्वर पल्लम राजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस का यह अभियान केवल वोटर लिस्ट के संशोधन तक सीमित नहीं है, बल्कि ईवीएम (EVM) और वीवीपीएटी (VVPAT) की पारदर्शिता पर भी सवाल उठा रहा है। उन्होंने मांग की कि चुनाव प्रक्रिया के हर चरण में जवाबदेही और पारदर्शिता होनी चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस विनाश की ओर बढ़ रही है। इसके अलावा, व्यापारियों के संगठन ने भी रामलीला मैदान में होने वाली इस बड़ी रैली पर चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहारों के समय दिल्ली के मुख्य बाजारों में ट्रैफिक डायवर्जन और बैरिकेडिंग से करोड़ों रुपये के व्यापार का नुकसान होगा, इसलिए इस रैली को स्थगित किया जाना चाहिए। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज करते हुए अपने विरोध प्रदर्शन को सही ठहराया है।