ब्रिक्स संसदीय फोरम से राहुल गांधी की दूरी, बीजेपी नेता जगदंबिका पाल ने लगाया पूर्वाग्रह का आरोप

बीजेपी नेता जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी द्वारा ब्रिक्स संसदीय फोरम में शामिल न होने पर सवाल उठाए और इसे पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया।

Kittu Kumari26 October 20262 min read0 viewsNational
ब्रिक्स संसदीय फोरम से राहुल गांधी की दूरी, बीजेपी नेता जगदंबिका पाल ने लगाया पूर्वाग्रह का आरोप

देश की राजधानी में आयोजित 12वें ब्रिक्स (BRICS) संसदीय फोरम में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति अब राजनीतिक विवाद का विषय बन गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह किसी 'खास पूर्वाग्रह' के चलते इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल नहीं हुए। पाल ने इस बात पर हैरानी जताई कि जब दुनिया भर के प्रतिनिधि भारत आए थे, तब राहुल गांधी ने इसमें शामिल होने के बजाय उत्तर प्रदेश जाने को प्राथमिकता दी।

जगदंबिका पाल ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने ऐसे बड़े सम्मेलनों से दूरी बनाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी न केवल अंतरराष्ट्रीय मंचों से गायब रहते हैं, बल्कि संसदीय सत्रों में भी उनकी उपस्थिति संदिग्ध रही है। पाल के मुताबिक, जनता ने उन्हें सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में चुना है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह ऐसे वैश्विक मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स फोरम कोई दलीय मामला नहीं था, बल्कि यह दुनिया के 11 ब्रिक्स देशों और 10 भागीदार देशों के बीच विकास और सहयोग पर चर्चा करने का एक बड़ा मंच था।

वैश्विक सहयोग और AI पर केंद्रित था ब्रिक्स फोरम

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इस सम्मेलन की अहमियत बताते हुए जगदंबिका पाल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत द्वारा इस फोरम की मेजबानी करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस आयोजन की थीम 'लोगों के केंद्रित विकास के लिए संसदीय सहयोग को बढ़ावा देना' रखी गई थी। इस फोरम में मुख्य रूप से चार क्षेत्रों पर चर्चा की गई, जिसमें वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना और मानवता की भलाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल जैसे मुद्दे शामिल थे।

दूसरी ओर, राहुल गांधी के अनुपस्थित रहने की वजह उनके कानूनी मामले से जुड़ी रही। राहुल गांधी दिल्ली से लखनऊ और फिर सुल्तानपुर पहुंचे, जहां 2018 के एक मानहानि मामले में उनकी अदालती सुनवाई थी। यह मामला अमित शाह के खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियों से जुड़ा था, जिसमें सुल्तानपुर की विशेष अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ मामले को खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम का उद्घाटन किया और विभिन्न भागीदार देशों के विदेशी प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने रूस की फेडरल असेंबली के स्टेट ड्यूमा अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन से भी मुलाकात की। संसद परिसर में पहुंचे विदेशी मेहमानों का भारतीय सांसदों और अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया था।

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