रामलीला मैदान में गरजे राहुल गांधी, बोले- 'वोट चोरी' के लिए पीएम मोदी पर होगी कानूनी कार्रवाई
रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली के दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए।

नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर, 2026 को आयोजित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' मेगा रैली के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अब कहीं नहीं जा सकते और विपक्ष उन्हें बचने नहीं देगा। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों और विभिन्न राज्यों के चुनावों में बड़े पैमाने पर 'वोट चोरी' और चुनावी धांधली का दावा किया।
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से अवैध रूप से हटा दिए गए, जिसे उन्होंने देश के साथ 'गद्दारी' करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरी साजिश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। गांधी ने यहाँ तक दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाएगा और उन्हें जेल जाना होगा।
संविधान बचाने की लड़ाई और सुरक्षा का घेरा
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण नहीं, बल्कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक नींव को बचाने के लिए है। इस रैली से पहले उन्होंने कनॉट प्लेस के पास मिंटो रोड जंक्शन से रामलीला मैदान तक एक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस मार्च के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं दी गई थी और पूरे इलाके में सार्वजनिक जमावड़े को रोकने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू थी।
इस मौके पर INDIA गठबंधन के कई बड़े नेता जैसे मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी भी मौजूद रहे, जिन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और सरकारी संस्थाओं की स्वतंत्रता पर चिंता जताई। वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस रैली को पूरी तरह 'सुपर फ्लॉप' बताया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भीड़ की संख्या पर सवाल उठाए, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने रैली के समय पर आपत्ति जताते हुए इसे 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के करीब आयोजित करने की आलोचना की।