महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों से बदसलूकी, राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस को घेरा

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजधानी दिल्ली में महिला प्रदर्शनकारियों और महिला पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार का गंभीर मुद्दा उठाया है। राहुल गांधी ने इस पूरी घटना पर गहरा रोष जताते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में एक खास पैटर्न देखा जा रहा है, जिसके तहत सवाल पूछने वाली महिलाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जंतर मंतर पर कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जहां महिला प्रदर्शनकारियों ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान महिला पत्रकारों के कैमरे छीन लिए गए और कुछ पत्रकारों को घसीटा गया। कांग्रेस नेता ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि एक पत्रकार की शिकायत के बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
साकेत थाने की घटना और सीसीटीवी फुटेज की मांग
राहुल गांधी ने इस मामले को कुछ हफ्ते पहले की एक अन्य घटना से भी जोड़ा। उन्होंने शाहीन और नफीसा नाम की दो महिलाओं का जिक्र किया, जिन्होंने साकेत पुलिस स्टेशन के भीतर हिंसा और दुर्व्यवहार का सामना करने की बात कही थी। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जिस थाने में महिलाएं शिकायत दर्ज कराने जाती हैं, वहीं उनके साथ हिंसा कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं, वे ही अब उनके लिए खतरा बन गए हैं।
दिल्ली पुलिस के प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल उठाते हुए उन्होंने तंज कसा कि देश में हर कोई जानता है कि दिल्ली पुलिस किसके प्रति जवाबदेह है। राहुल गांधी ने मांग की है कि साकेत पुलिस स्टेशन की पूरी सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने शाहीन, नफीसा और अन्य पीड़ित महिलाओं के लिए न्याय की मांग की।
अपने संदेश के अंत में राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए सीधा सवाल पूछा, "मिस्टर अमित शाह—आप और आपकी पुलिस महिलाओं से इतना डरते क्यों हैं?"