'वोट चोरी' के खिलाफ राहुल गांधी का हल्लाबोल, पीएम मोदी पर लगाया चुनाव आयुक्त को बचाने का आरोप

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को एआईसीसी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को बचा रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि 'वोट चोरी' और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ इंडिया गठबंधन का विरोध अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसे देश के सामने लाने के लिए वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
राहुल गांधी ने दिल्ली की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर राजधानी को 'जेल' में क्यों बदला गया है? उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली को एक किले में तब्दील कर दिया गया है और लोगों को शहर में आने से रोका जा रहा है। उनके मुताबिक, बसों और ट्रेनों से लोगों को उतारा जा रहा है और जगह-जगह 20 से 30 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने इसे सत्ता का प्रदर्शन बताया, लेकिन कहा कि उनकी रणनीति अलग है।
लोकतंत्र की हत्या का आरोप और सुप्रीम कोर्ट की शरण
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने और कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को पत्र लिखकर भारतीय लोकतंत्र की 'हत्या' और चुनावी निष्पक्षता पर गहरी चिंता जताई थी। सीजेआई के निर्देश के बाद, इंडिया गठबंधन के नेता एक साथ सुप्रीम कोर्ट जाकर याचिका दायर करेंगे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस और सुरक्षा बलों के एक बड़े हिस्से को भी लगता है कि उनका विरोध सही है।
राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोभाल और चुनाव आयोग के कुछ सदस्य हैं जो देश को 'हाईजैक' कर रहे हैं, और दूसरी तरफ भारत की जनता है। इसी के विरोध में उन्होंने कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक 'चलो दिल्ली' मार्च निकालने का आह्वान किया है।
इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बाराखंबा रोड और मंडी हाउस जैसे इलाकों में भारी पुलिस बल, आरएएफ और सीआरपीएफ की तैनाती की गई है। सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पॉइंट भी बंद रखे गए हैं और शहर के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग कर दी गई है।