CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर पर उतरे राहुल गांधी, मांगा इस्तीफा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के सांसद एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत से पहले सभी सांसद जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने अपनी आगे की रणनीति तय की और उसके बाद विरोध स्थल की ओर कूच किया।
राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव आयुक्त एक वैध अधिकारी नहीं हैं। राहुल गांधी ने वोट चोरी, चुनावी रोल में अनधिकृत बदलाव और फॉर्म 6 के साथ छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक घमासान
यह प्रदर्शन उस तनाव के बाद हुआ है जो 6 अक्टूबर 2026 को देखने को मिला था, जब चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था। इसी घटनाक्रम के बीच दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के आकाशवाणी भवन में जबरन प्रवेश किया। हालांकि, राहुल गांधी ने इस कानूनी कार्रवाई पर तंज कसते हुए इसे अपने लिए 'सम्मान का पदक' बताया और कहा कि अब उनके खिलाफ 45 एफआईआर हो चुकी हैं और उनका लक्ष्य इसे 100 तक ले जाने का है।
इस पूरे आंदोलन को धार देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लगभग 300 विपक्षी सांसदों के लिए लंच का आयोजन किया, जहां चुनाव आयोग को भेजे जाने वाले एक औपचारिक पत्र के मसौदे पर चर्चा की गई। वहीं, आरजेडी सांसद मनोज झा और केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने भी CEC पर प्रशासनिक अहंकार और चुनावी प्रक्रिया की अखंडता से समझौता करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया है। साथ ही, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। INDIA गठबंधन ने संकेत दिए हैं कि चुनाव आयोग के नेतृत्व को चुनौती देने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।