'जंतर मंतर भारत के लोगों का है', CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को 'कायरता' करार देते हुए कहा कि देश के नागरिकों का अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग करना और प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लहराना किसी भी तरह से अपराध नहीं है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि छात्रों, युवाओं और पत्रकारों का अलग-अलग बैनरों के नीचे विरोध करना असल में एक ही मकसद के लिए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जंतर मंतर भारत के लोगों का है और इसे वापस हासिल किया जाएगा। राहुल गांधी के मुताबिक, शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लहराने के कारण युवाओं को जेल भेजना सरकार की कमजोरी और डर को दर्शाता है।
CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद
यह पूरा मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो कार्यकर्ताओं, सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी के बाद गरमाया है। इन दोनों कार्यकर्ताओं को जंतर मंतर के पास एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उन्हें पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
अभिजीत डिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार विरोध की आवाज को कुचलना चाहती है, तो उसे छिपने के बजाय साहस दिखाकर आधिकारिक तौर पर इमरजेंसी घोषित कर देनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके संगठन का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है और उनका मकसद चुनावी अनियमितताओं को उजागर करना है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या CJP अब 'INDIA' गठबंधन का हिस्सा बनेगी, तो डिपके ने साफ किया कि वे एक स्वतंत्र प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करना जारी रखेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि उनका आंदोलन और INDIA गठबंधन का संघर्ष एक ही दिशा में है, क्योंकि दोनों ही चुनावी निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं।