वोटर लिस्ट संशोधन पर राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की याचिका, कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई संभव

Kittu Kumari14 October 20262 min read0 viewsNational
वोटर लिस्ट संशोधन पर राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की याचिका, कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई संभव

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के 12 अन्य दिग्गज नेताओं द्वारा चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ दायर की गई याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर सकता है। यह पूरी कानूनी लड़ाई चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन संशोधन' (Special Intensive Revision - SIR) के तरीके और प्रक्रिया को लेकर है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है, जिसके चलते उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

यह याचिका 12 अक्टूबर को दायर की गई थी, जिसे जरूरी कागजी औपचारिकताओं के बाद 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने दर्ज कर लिया। गौरतलब है कि इस कानूनी कदम से पहले राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर 'लोकतंत्र के लिए मार्च' (March for Democracy) निकाला था, जिसमें उन्होंने मतदाता सूची संशोधन को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं जताई थीं। इस याचिका में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले और शिवसेना (UBT) के संजय राउत जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

चुनाव आयोग से जवाब और ऑडिट की मांग

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

विपक्ष ने अपनी याचिका में मांग की है कि चुनाव आयोग इस पूरी प्रक्रिया से जुड़ी अपनी सभी फाइलें, एजेंडा, मिनट्स और नोटिंग्स सार्वजनिक करे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे यह जानना चाहते हैं कि 24 जून 2025 को SIR शुरू करने का फैसला किन आधारों पर लिया गया। साथ ही, उन्होंने ECINET और ERONET के एक्सेस लॉग्स की मांग भी की है ताकि यह पता चल सके कि डेटाबेस में बदलाव कैसे किए गए।

INDIA ब्लॉक ने अदालत से निम्नलिखित प्रमुख राहतें मांगी हैं:

  • बिना उचित नोटिस और सुनवाई के किसी भी मतदाता का नाम सूची से न हटाया जाए।
  • बूथ स्तर पर हटाए गए मतदाताओं की सूची, उनके हटने का कारण और जनसांख्यिकीय विवरण सार्वजनिक किया जाए।
  • सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए, जो मतदाता डेटाबेस में किए गए बदलावों का ऑडिट करे।
  • जब तक इस मामले का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) पर अंतरिम रोक लगाई जाए।

विपक्ष ने अपनी इस याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को भी पक्षकार बनाया है। याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि क्या आयोग के फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, 2023 के चुनाव कानून और टी.एन. शेषन बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों के अनुरूप हैं।

Share:

Comments

Leave a comment