चुनाव आयोग दफ्तर पर मार्च: राहुल गांधी ने पूछा- क्यों नहीं मिल रहे कमिश्नर, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को पकड़ा

Kittu Kumari6 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
चुनाव आयोग दफ्तर पर मार्च: राहुल गांधी ने पूछा- क्यों नहीं मिल रहे कमिश्नर, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को पकड़ा

देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग (ECI) के मुख्यालय की ओर कूच किया। इस प्रदर्शन के दौरान लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। इस बीच, पुलिस ने आकाशवाणी भवन में दाखिल होने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे मौके पर काफी गहमागहमी रही।

राहुल गांधी ने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब 300 से ज्यादा विपक्षी सांसद करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे हैं, तो चुनाव आयुक्त उनसे मिलने से क्यों कतरा रहे हैं? उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई और पूछा कि उन्हें और उनके साथियों को रोकने और धमकाने की क्या जरूरत है।

पुलिस की सख्ती और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

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प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब कांग्रेस कार्यकर्ता और INDIA गठबंधन के समर्थक निर्वाचन सदन के गेट तोड़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस ने इलाके में धारा 163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी, जिसके बाद भारतीय युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं को वहां से हटने की चेतावनी दी गई और सहयोग न करने वालों को बसों में भरकर ले जाया गया।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डर में हैं, इसलिए विपक्ष के नेताओं को ज्ञापन सौंपने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी परिसर में धरने पर बैठने को मजबूर हैं, जबकि चुनाव आयोग का दफ्तर महज 100 मीटर की दूरी पर है।

इस विरोध प्रदर्शन में केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि CPI (M) के सांसद जॉन ब्रिटास, वी. शिवदासन और पी. संतोष कुमार भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं, बीजेडी (BJD) ने भी गठबंधन की सीमाओं से परे जाकर इस प्रदर्शन में अपना समर्थन दिया। विपक्षी नेताओं की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है।

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