राहुल गांधी के 'दिवाली मिलन' में सियासी घमासान, प्रदूषण और नागरिकता पर कांग्रेस ने BJP को घेरा
राहुल गांधी के घर दिवाली मिलन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदूषण, नागरिकता और भाजपा के विरोध प्रदर्शनों को लेकर सरकार को घेरा।

दिवाली के त्योहार से पहले दिल्ली में एक खास जमावड़ा हुआ, लेकिन यह महज़ एक उत्सव नहीं बल्कि राजनीतिक वार-पलटवार का अखाड़ा बन गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर आयोजित 'दिवाली मिलन' कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गज नेता जुटे। इस मौके पर उत्सव का माहौल तो था, लेकिन चर्चा का केंद्र केंद्र सरकार की विफलताएं, दिल्ली का जहरीला प्रदूषण और नागरिकता से जुड़े गंभीर मुद्दे रहे।
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के हालिया देशव्यापी प्रदर्शनों पर तंज कसा। गहलोत ने कहा कि यह भारतीय राजनीति में पहली बार हो रहा है कि सत्ताधारी पार्टी ही सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने इसे एक अजीबोगरीब तमाशा बताते हुए कहा कि जवाबदेही तय करना विपक्ष का काम होता है, लेकिन जब केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री खुद सड़कों पर 'लोकतंत्र बचाने' की बात करते हैं, तो लोग इस स्थिति को देखकर हंस रहे हैं।
नागरिकता और प्रदूषण पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में बदलाव के नाम पर लोगों के संवैधानिक अधिकारों को छीना जा सकता है। खेड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह एक बड़ी साजिश हो सकती है जिससे लोगों के जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र तक प्रभावित हो सकते हैं, जिससे उनकी नागरिकता और सरकारी योजनाओं के लाभ खतरे में पड़ सकते हैं।
वहीं, दिल्ली की बिगड़ती हवा और स्मॉग के मुद्दे पर उदित राज ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अब भाजपा यह बहाना नहीं बना सकती कि प्रदूषण पड़ोसी राज्यों या पराली जलने की वजह से है। उदित राज के मुताबिक, केंद्र सरकार, उपराज्यपाल कार्यालय और स्थानीय निकायों पर भाजपा का नियंत्रण है, फिर भी वे सार्वजनिक स्वास्थ्य के इस संकट को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। उन्होंने इसे संस्थागत विफलता करार देते हुए कहा कि अब सारी जिम्मेदारी सीधे तौर पर सत्ता पक्ष की है।