'यह 4-5 दिन का विरोध नहीं, लंबी लड़ाई है', राहुल गांधी ने लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10-15 वर्षों में भारत के लोकतंत्र, लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान को पूरी तरह से नुकसान पहुँचाया गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि 'वोट चोरी' के खिलाफ विपक्ष का यह अभियान महज कुछ दिनों का विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली राजनीतिक कार्रवाई है।
कनॉट प्लेस में लंच मीटिंग के बाद राजघाट जाते समय एक बस में दिए गए वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों और उनके 'चुने हुए सहयोगियों' ने मिलकर लोकतंत्र की हत्या की है। राहुल गांधी के मुताबिक, यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि यह पिछले एक दशक से अधिक समय से चल रहा है।
'वोट चोरी' के सबूतों का दावा और चुनाव आयोग पर सवाल
राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष ने पहले केवल 'वोट चोरी' की बात की थी, लेकिन अब उन्होंने कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से इसके सबूत पेश किए हैं। उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को पत्र लिखकर यह बात कही थी कि भारत की चुनावी प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि वर्तमान विरोध प्रदर्शनों को केवल 4-5 दिन का कैंपेन न समझा जाए। यह भारतीय नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए शुरू किया गया एक बड़ा आंदोलन है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस राजनीतिक कार्रवाई के बाद सरकार बदलेगी, जिसके बाद एक बड़ी जांच होगी और यह पता लगाया जाएगा कि लोकतंत्र को किसने खत्म किया।
उन्होंने आगे कहा,
"जांच के बाद अमित शाह, नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और उनके सह-साजिशकर्ताओं को सजा मिलेगी। यह सिर्फ मेरी बात नहीं है, बल्कि देश के नागरिक और विपक्षी दल भी यही चाहते हैं।"
राजघाट पर 'सत्याग्रह' की भावना के साथ महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे राहुल गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं। इंडिया गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी की मानसिकता 'अराजक' है और अगर उनमें साहस है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।