राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: चुनाव आयुक्त हटें तो 30 सेकंड में रुक जाएगी दिल्ली रैली

राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है, तभी दिल्ली की रैली रुकेगी। व्यापारियों ने भी जताई चिंता।

Kittu Kumari26 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: चुनाव आयुक्त हटें तो 30 सेकंड में रुक जाएगी दिल्ली रैली

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 1 नवंबर की रैली को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटा देते हैं, तो यह पूरा विरोध प्रदर्शन महज 30 सेकंड के भीतर खत्म हो जाएगा। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को 'आरोपी नंबर 4' करार देते हुए कहा कि चुनावी अनियमितताओं के कारण देश की दुकानों, लोगों की बचत और बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।

इस रैली को 'वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च' नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी का विरोध करना और चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करना है। हालांकि, इस रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों में काफी डर है।

व्यापारियों का नुकसान और सुरक्षा की चिंता

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चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से अपील की थी कि इस रैली को आगे बढ़ा दिया जाए। व्यापारियों का तर्क है कि रामलीला मैदान के आसपास 20 बड़े थोक और खुदरा बाजार हैं। दिवाली के त्योहारी सीजन में ट्रैफिक जाम और कामकाज रुकने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। व्यापारियों का दावा है कि अक्टूबर में हुए प्रदर्शनों की वजह से पहले ही करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, इसलिए उन्होंने रैली को 10 नवंबर (भाई दूज) के बाद करने का सुझाव दिया था।

दूसरी ओर, इस रैली को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस मार्च में 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे, जबकि रामलीला मैदान की क्षमता केवल 35,000 से 40,000 लोगों की है। दिल्ली पुलिस ने 17 अक्टूबर 2026 को इस रैली के लिए एनओसी (NOC) दे दी थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने 25 अक्टूबर को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पुलिस कमिश्नर के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

इस बीच, भाजपा ने रैली की तारीख पर आपत्ति जताई है। भाजपा का कहना है कि यह तारीख 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी से मेल खाती है, जिससे सिख समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संकेत दिया है कि यदि चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई नया महाभियोग प्रस्ताव आता है, तो उस पर तय प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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