चलो दिल्ली रामलीला मार्च: राहुल गांधी ने लोकतंत्र बचाने के लिए किया बड़ा आह्वान
राहुल गांधी ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' के लिए जनता को बुलाया है। लोकतंत्र और संविधान बचाने की यह बड़ी जंग होगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की जनता से 1 नवंबर, 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की है। राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन को केवल एक रैली नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और लोकतंत्र को बचाने का एक बड़ा आंदोलन बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मार्च वोटिंग में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ एक एकजुट राष्ट्रीय प्रदर्शन होगा।
कांग्रेस और INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी सहित कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की पूरी उम्मीद है। इस विरोध प्रदर्शन के मुख्य उद्देश्यों में वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को ठीक करना, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना शामिल है।
पुलिस की कड़ी शर्तें और सुरक्षा इंतजाम
दिल्ली पुलिस ने इस कार्यक्रम के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है, लेकिन इसके साथ कई सख्त शर्तें जुड़ी हैं। पुलिस ने साफ किया है कि रैली शाम 5 बजे तक खत्म हो जानी चाहिए। आयोजकों को रात में रुकने, रैली के बाद जुलूस निकालने या कोई भी भड़काऊ भाषण देने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा के लिहाज से कम से कम पांच मॉनिटरों के साथ सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम की स्थापना और वॉलिंटियर्स की तैनाती अनिवार्य की गई है। साथ ही, पार्टी को मेहमानों की सूची, कार्यक्रम का शेड्यूल और बसों के रजिस्ट्रेशन नंबर जैसी विस्तृत जानकारी देनी होगी।
राहुल गांधी ने 29 अक्टूबर को जारी एक वीडियो संदेश में लोगों से पुलिसिया कार्रवाई से न डरने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पास इस आंदोलन को रोकने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि, व्यापारिक संगठनों ने छुट्टी के दिन ट्रैफिक जाम और व्यापार में बाधा आने की चिंता जताई है, लेकिन राहुल गांधी का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी है।
तैयारियों के बीच कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया था कि पुलिस तैयारियों में बाधा डाल रही है, हालांकि पुलिस प्रशासन ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। फिलहाल, पुलिस की निगरानी में रामलीला मैदान में तैयारियां तेजी से जारी हैं।