CEC के खिलाफ प्रदर्शन को राहुल गांधी ने बताया 'शिव तांडव', सुप्रीम कोर्ट मार्च रोका

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस आंदोलन की तुलना 'भगवान शिव के तांडव' से करते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ यह जन-आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है। राहुल गांधी का दावा है कि इस तरह के आंदोलनों को किसी औपचारिक योजना की जरूरत नहीं होती और यह अलग-अलग रूपों में जारी रहेगा।
सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर भारी तनाव देखा गया जब इंडिया गठबंधन के दिग्गज नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर कूच कर रहे थे। इस मार्च में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और सचिन पायलट जैसे बड़े नेता शामिल थे। इनका मकसद SIR प्रक्रिया के खिलाफ याचिका दायर करना था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम कर इन्हें बीच में ही रोक दिया। पुलिस ने सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक मध्य दिल्ली में बैरिकेडिंग कर दी थी और कई मेट्रो स्टेशन भी बंद रखे गए थे।
चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और राजनीतिक घमासान
राहुल गांधी ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से कुछ संदेश मिले हैं, जिससे पता चलता है कि चुनाव प्रमुख काफी दबाव में हैं। उन्होंने कुमार से इस्तीफा देने और 'टर्न अप्रूवर' (गवाह) बनने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के करीब 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और अंदर की जानकारियां लीक कर रहे हैं। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीईसी को बचाने का आरोप लगाया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा प्रदर्शनकारियों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर सवाल उठाए।
इस बीच, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने 'वोट चोरी' के आरोपों पर खड़गे और राहुल गांधी से मिलने की प्रार्थना को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामला विचाराधीन (sub-judice) है। वहीं, अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस लड़ाई में साथ दिया। सचिन पायलट ने सीईसी के कार्यों को असंवैधानिक बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की, जबकि अखिलेश यादव ने लोकतंत्र बचाने के लिए भाजपा को हटाने की बात कही। आम आदमी पार्टी के गोपाल राय ने भी आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इन प्रदर्शनों को 'राष्ट्र पर हमला' करार दिया और आरोप लगाया कि इसके पीछे विदेशी कनेक्शन हो सकते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को विरोध स्थल के रूप में डी-नोटिफाई कर दिया है और अब प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीआई ग्राउंड को ही अधिकृत किया गया है।