राहुल गांधी ने दिल्ली में 728 नाम वोटर लिस्ट से हटाने पर लगाया वोट चोरी का आरोप

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 28 और 29 सितंबर 2026 को दिल्ली के बेला एस्टेट झुग्गी इलाके का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 728 लोगों के नाम हटाए जाने के आरोपों की जांच करना था। राहुल गांधी ने इस बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया को 'वोट चोरी' करार दिया और स्थानीय उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) से फोन पर बात कर झुग्गी के लोगों के मताधिकार छिनने पर जवाब मांगा।
दौरे के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की 'हाउस नंबर 0' के प्रावधान वाली टिप्पणी का जिक्र किया। उन्होंने तर्क दिया कि आवासीय स्थिति किसी व्यक्ति के वोट देने के अधिकार को नहीं छीन सकती है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर चुनावी प्रक्रिया में 'मैच-फिक्सिंग' करने का गंभीर आरोप भी लगाया।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग (EC) के अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने इन सभी दावों को खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन के बाद इन नामों को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट (ASDD) श्रेणी में भेजा गया था। अधिकारियों के अनुसार साल 2023 में इस इलाके के घर गिराए गए थे और भौतिक सत्यापन के दौरान पंजीकृत पते खाली पाए गए थे, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने का मतलब तुरंत नाम काटना नहीं है, बल्कि नागरिकों को दस्तावेज और स्पष्टीकरण देने का मौका दिया जाता है।
बेला एस्टेट के स्थानीय निवासी अधिकारियों के इस दावे का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं और उन्होंने 2024 के लोकसभा और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में भी वोट डाला था। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) फॉर्म जमा करने के बावजूद उनके नाम हटाए गए हैं। इस विवाद के बाद चुनाव आयोग ने प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब बीएलओ नोटिस पाने वाले लोगों के घर जाकर दस्तावेज इकट्ठा करेंगे और उन्हें ईसीआईनेट सिस्टम पर अपलोड करेंगे, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन अधिकारी अंतिम फैसला लेंगे।
यह मामला केवल बेला एस्टेट तक सीमित नहीं है बल्कि पूरी दिल्ली की वोटर लिस्ट से जुड़ा है। दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 47.5 लाख नाम हटाए जाने को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। चुनाव आयोग ने मौजूदा एसआईआर प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। अब दिल्ली की अंतिम वोटर लिस्ट 4 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।