राहुल गांधी ने लगाया वोट चोरी का आरोप, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश में 'वोट चोरी, कानून चोरी और संस्था चोरी' होने का गंभीर आरोप लगाया। राहुल गांधी ने The Indian Express की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों ने आपत्तियां उठाई थीं। राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की और कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र को नष्ट नहीं होने देगी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को चुनावों में चोरी की साजिश का साजिशकर्ता बताया और कहा कि उनकी जांच की जाएगी।
राहुल गांधी ने कहा कि वोट देश की नींव है और इसे संविधान, कानूनों और संस्थानों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि वोट से ही हमारा संविधान शक्ति प्राप्त करता है, संविधान से कानून बनते हैं और कानूनों से संस्थाएं उभरती हैं। उन्होंने The Indian Express की उस रिपोर्ट का भी जिक्र किया जिसमें दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्तियां उठाई थीं। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि भाजपा के खिलाफ 'सत्ता विरोधी लहर' (anti-incumbency) गायब क्यों हो जाती है।
चुनाव आयोग ने इस बात को खारिज कर दिया है कि रिपोर्ट की गई आपत्तियां अंतिम फैसलों पर संस्थागत असहमति थीं। आयोग का कहना था कि मसौदा चरण के दौरान उठाए गए परिचालन संबंधी प्रश्न, इनपुट और सुझाव उसकी मानक प्रशासनिक और निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा थे। चुनाव आयोग ने कहा कि SIR से संबंधित फैसलों सहित आयोग द्वारा लिए गए सभी निर्णय सर्वसम्मति से थे और तीनों आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए थे। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।