रामलीला मैदान रैली पर बोले बीजेपी सांसद, कहा- राहुल गांधी समझें LoP की जिम्मेदारी
बीजेपी सांसद रघुनंदन राव ने रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली और राहुल गांधी के तौर-तरीकों पर उठाए गंभीर सवाल।

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित की जा रही मेगा रैली को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी सांसद रघुनंदन राव ने इस प्रस्तावित प्रदर्शन पर कड़ा प्रहार करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। राव का कहना है कि राहुल गांधी को देश के लोकसभा नेता प्रतिपक्ष (LoP) के रूप में अपनी जिम्मेदारियों और भूमिका को गंभीरता से समझना चाहिए।
सांसद रघुनंदन राव ने आरोप लगाया कि INDIA गठबंधन के पास देश के लिए कोई स्पष्ट योजना या विजन नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेता खुद को 'जेन-जी' (Gen Z) युवाओं की तरह सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते देखना चाहते हैं, जबकि उन्हें एक जिम्मेदार विपक्ष के नेता की तरह व्यवहार करना चाहिए। राव ने यह भी सुझाव दिया कि राहुल गांधी के सलाहकारों को उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना चाहिए ताकि वे अपनी गरिमा और पद के अनुरूप कार्य करें।
तेलंगाना के मुद्दों पर घेरा और वोटर लिस्ट पर सवाल
रैली के एजेंडे पर सवाल उठाते हुए बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी को चुनौती दी कि वे उन लोगों की पहचान करें जिनके वोट कथित तौर पर स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान कट गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से कोंदरेड्डीपल्ली और मधिरा निर्वाचन क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वास्तव में वोटों के कटने की समस्या है, तो वे उन लोगों को सामने लाएं।
राव ने तेलंगाना सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जनता वोटर लिस्ट के बजाय बिजली की आपूर्ति, 4,000 रुपये पेंशन और बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाब चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से कहा कि राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने से पहले उन्हें राज्य की इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए, क्योंकि बिना किसी ठोस योजना के काम करना तेलंगाना और देश दोनों के लिए ठीक नहीं है।
गौरतलब है कि INDIA गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली करने जा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि वोटर लिस्ट के रिविजन में अनियमितताएं हुई हैं, जिसके चलते वे CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस रैली से पहले 30 अक्टूबर को एक प्रतीकात्मक "पब्लिक इम्पीचमेंट" प्रक्रिया भी आयोजित की जाएगी।