RAF Diary से खुलासा: Jantar Mantar Protesters पर चले Pellet Guns, Delhi Police की बढ़ी मुश्किलें

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की 22 जुलाई 2026 की एक जनरल डायरी एंट्री से यह पुष्टि हुई है कि Rapid Action Force (RAF) के जवानों को protesters के खिलाफ pellet guns इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। इस दस्तावेज के अनुसार DCP रैंक के अधिकारी ने RAF Deputy Commandant को प्लास्टिक pellets वाली दो राउंड ballistic cartridges चलाने का आदेश दिया था। यह जानकारी सामने आने के बाद Delhi Police के शुरुआती दावों पर सवाल उठ रहे हैं, जिसमें उन्होंने pellet use की खबरों को 'फर्जी' बताया था।
यह प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) और छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ आयोजित किया गया था। Trinamool Congress के प्रवक्ता Saket Gokhale द्वारा 10 अगस्त को प्राप्त RTI जवाब के अनुसार इस प्रदर्शन में कम से कम 10 लोग घायल हुए थे। Central Reserve Police Force (CRPF) की internal inquiry के मुताबिक एक RAF अधिकारी ने सात pellet rounds चलाए थे, जिनमें से पांच ने protesters को हिट किया था। Amnesty International के Evidence Lab की जांच में भी 17 वीडियो की पुष्टि के बाद security personnel द्वारा birdshot के इस्तेमाल की बात सामने आई है।
इस मामले में legal और political कार्रवाई तेज हो गई है। Supreme Court ने 30 जुलाई को Delhi Police से standard operating procedures मांगे और ammunition logs को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। 21 अगस्त को Leader of the Opposition Rahul Gandhi ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर सात घंटे का sit-in किया, जिसके बाद authorities ने FIR दर्ज की। Senior Congress leader Salman Khursid ने कहा कि FIR से force के इस्तेमाल की आधिकारिक पुष्टि होती है। पूरी जानकारी के लिए UNI India पढ़ें। घटना के बाद RAF ने जंतर-मंतर पर तैनात जवानों से pump-action guns, electric shields और shock batons जैसे equipment हटा लिए हैं।