बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर 13 साल बाद लौटी रेसिंग, अब F1 की वापसी की तैयारी
ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर 13 साल बाद रेसिंग की वापसी हुई है। RPPL चेयरमैन ने F1 की वापसी की उम्मीद जताई है।

ग्रेटर नोएडा का मशहूर बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) एक बार फिर रफ्तार और रोमांच का गवाह बना है। करीब 13 साल के लंबे इंतजार के बाद इस आइकोनिक ट्रैक पर रेसिंग की वापसी हुई है, जिसे रेसिंग प्रमोशन्स प्राइवेट लिमिटेड (RPPL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अखिलेश रेड्डी ने एक "शानदार पल" बताया है। इस मौके पर इंडियन रेसिंग फेस्टिवल (IRF) के तहत F4 इंडियन चैंपियनशिप और इंडियन रेसिंग लीग के मुकाबले आयोजित किए गए, जिसने मोटरस्पोर्ट्स प्रेमियों में एक बार फिर जान फूंक दी है।
अखिलेश रेड्डी ने उम्मीद जताई कि जल्द ही भारत में फॉर्मूला वन (F1) की वापसी होगी। उन्होंने बताया कि सरकार, अडानी समूह और फॉर्मूला वन अधिकारी इस दिशा में काफी सक्रियता और आक्रामक तरीके से काम कर रहे हैं। रेड्डी का मानना है कि F1 की वापसी न केवल देश में मोटरस्पोर्ट्स के प्रति जनता की दिलचस्पी बढ़ाएगी, बल्कि इससे RPPL के फैन बेस में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि FIA और फॉर्मूला वन प्रबंधन भी भारत लौटने में गहरी रुचि रखते हैं, जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा।
क्रिकेट जैसा समर्थन चाहिए मोटरस्पोर्ट्स को
रेसिंग के भविष्य पर चर्चा करते हुए अखिलेश रेड्डी ने सरकार से और अधिक सहयोग की अपील की। उन्होंने एक दिलचस्प तुलना करते हुए कहा कि अगर मोटरस्पोर्ट्स को भारत में क्रिकेट को मिलने वाले समर्थन का केवल 50 प्रतिशत भी मिल जाए, तो यह खेल के आयोजकों, खिलाड़ियों और उनके माता-पिता के लिए बहुत बड़ी बात होगी।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने सितंबर में नीति आयोग के तहत एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो देश में फॉर्मूला वन और मोटरस्पोर्ट्स इकोसिस्टम के पुनरुद्धार और विकास की संभावनाओं की जांच कर रही है।
इस इवेंट में शामिल दक्षिण अफ्रीकी ड्राइवर राउल हाइमन और भारतीय ड्राइवर सईशिवा संकरण ने भी ट्रैक की तारीफ की। हाइमन ने कहा कि BIC की सुविधाएं और ट्रैक पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं और वे यहां MotoGP और F1 को दोबारा देखना चाहते हैं। याद दिला दें कि 2011 से 2013 के बीच यहां इंडियन ग्रैंड प्रिक्स का आयोजन हुआ था, जिसमें सेबास्टियन वेटेल ने तीनों बार जीत दर्ज की थी।