दिल्ली: पीएम आवास के पास 125 साल पुरानी रेसकोर्स मस्जिद पर ढहाने की तलवार

देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के करीब स्थित एक ऐतिहासिक मस्जिद अब अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। 125 साल पुरानी रेसकोर्स मस्जिद दिल्ली (जिसे हुजरा कुआं मस्जिद भी कहा जाता है) को जल्द ही जमींदोज किया जा सकता है। लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने इस परिसर को 'अनधिकृत' घोषित करते हुए इसे खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने 19 अक्टूबर 2026 को आदेश दिया कि छह दिनों के भीतर यह जगह खाली की जाए।
इस कार्रवाई की आहट तब मिल गई थी जब 7 अक्टूबर 2026 को मस्जिद की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी गई। मस्जिद के इमाम मौलाना हारून, जो पिछले 40 सालों से यहाँ सेवा दे रहे हैं, का कहना है कि यह एक पंजीकृत वक्फ संपत्ति है। उनका दावा है कि यह मस्जिद न केवल 1977 के दिल्ली गजट में दर्ज है, बल्कि एनडीएमसी (NDMC) की वेबसाइट पर भी इसे एक हेरिटेज साइट के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। इमाम ने यह भी स्पष्ट किया कि मस्जिद के सभी बिल समय पर भरे गए हैं और कोई बकाया नहीं है।
वक्फ बोर्ड की चुप्पी और राजनीतिक हलचल
इस पूरे विवाद में दिल्ली वक्फ बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इमाम हारून का आरोप है कि पिछले छह महीनों से वे लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन 2023 से वक्फ बोर्ड के गठन न होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजीजू से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि वक्फ बोर्ड ने अब तक L&DO के आदेश को चुनौती क्यों नहीं दी।
वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है और कहा कि यह मस्जिद भारत की आजादी से भी पहले की है। इस बीच, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने 19 अक्टूबर को मंत्री किरेन रिजीजू से मुलाकात की और मस्जिद के साथ-साथ उससे सटे कब्रिस्तान की सुरक्षा की गुहार लगाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्री रिजीजू ने आश्वासन दिया है कि वे इस स्थिति को सुलझाने की पूरी कोशिश करेंगे। इस मामले पर कश्मीर के वरिष्ठ नेता मीरवाइज़ उमर फारूक ने भी गहरा दुख जताया है और धार्मिक स्थलों के संरक्षण की बात कही है।