रेस कोर्स मस्जिद मामला: केंद्र ने दिल्ली हाई कोर्ट को दिया आश्वासन, नहीं होगी तोड़फोड़

दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया कि रेस कोर्स मस्जिद को तोड़ा नहीं जाएगा। जानें क्या है पूरा मामला।

Kittu Kumari27 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
रेस कोर्स मस्जिद मामला: केंद्र ने दिल्ली हाई कोर्ट को दिया आश्वासन, नहीं होगी तोड़फोड़

दिल्ली की ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में एक बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में यह भरोसा दिलाया है कि अगली सुनवाई तक मस्जिद के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही इसे ढहाया जाएगा। जस्टिस अनीश दयाल की अदालत में मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई हुई, जहां सरकार ने मौखिक रूप से यह आश्वासन दिया कि 29 अक्टूबर तक मस्जिद सुरक्षित रहेगी।

यह पूरा विवाद तब गहराया जब मस्जिद में आने वाले नमाजियों ने शिकायत की कि 7 अक्टूबर के आसपास वहां बिजली और पानी की सप्लाई काट दी गई। याचिकाकर्ता सैयद अहमद साउद और कई मुस्लिम संगठनों का दावा है कि यह मस्जिद 1977 के दिल्ली गजट में दर्ज एक वक्फ संपत्ति है। इसके अलावा, 2009 की एक अधिसूचना के अनुसार इसे 'ग्रेड-II हेरिटेज' का दर्जा प्राप्त है, जिसका मतलब है कि बिना विशेष अनुमति के इसके ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।

सुरक्षा कारणों का दिया हवाला

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अदालत में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए स्टैंडिंग काउंसिल आशीष दीक्षित ने स्पष्ट किया कि बिजली और पानी का कनेक्शन किसी दुर्भावना से नहीं, बल्कि जन सुरक्षा के लिए काटा गया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के पास सुरक्षा कारणों से भाई राम कैंप, मस्जिद कैंप और DID कॉलोनी जैसी तीन झुग्गी बस्तियों को हटाया जा रहा है। वहां भारी मशीनें और जेसीबी चल रही हैं, जिससे इलाके में आवाजाही खतरनाक हो गई थी। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि उसी परिसर में एक मंदिर भी स्थित है।

वहीं, दिल्ली वक्फ बोर्ड के वकील ने कोर्ट को बताया कि इस स्थल की स्थिति को लेकर 19 अक्टूबर को लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) को एक औपचारिक शिकायत भेजी गई थी, लेकिन अभी तक उस पर कोई फैसला नहीं आया है। नमाजियों का यह भी आरोप है कि 21 अक्टूबर से उन्हें मस्जिद में प्रवेश करने से रोका जा रहा है।

हाई कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। फिलहाल कोर्ट ने मस्जिद के धार्मिक या हेरिटेज स्टेटस पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। जस्टिस दयाल ने केंद्र सरकार के काउंसिल को निर्देश दिया है कि वे अगली सुनवाई यानी 29 अक्टूबर से पहले इस मामले में विस्तृत निर्देश और जानकारी जुटाएं।

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