रेस कोर्स मस्जिद की बिजली-पानी कटौती मामला: दिल्ली हाई कोर्ट ने बहाली से किया इनकार
दिल्ली हाई कोर्ट ने रेस कोर्स मस्जिद की बिजली और पानी की बहाली पर फैसला सुनाया। जानिए क्या है पूरा मामला।

प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) के पास स्थित रेस कोर्स मस्जिद में बिजली और पानी की सप्लाई काटने का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में कोर्ट ने मस्जिद की इन बुनियादी सुविधाओं को तुरंत बहाल करने की याचिका पर विचार किया, लेकिन फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 7 अक्टूबर 2026 को न्यू दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने सार्वजनिक सुरक्षा और आसपास चल रहे तोड़फोड़ अभियान का हवाला देते हुए मस्जिद की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी। इसके बाद मस्जिद के इमाम मोहम्मद हारून ने 12 अक्टूबर को अदालत का दरवाजा खटखटाया और सेवाओं को तुरंत बहाल करने की मांग की।
अदालत ने क्यों नहीं दी राहत?
15 अक्टूबर को जस्टिस सौरभ बनर्जी ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में तथ्यों को लेकर कई विवाद हैं। कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि याचिकाकर्ता के पास इस परिसर के कानूनी अधिकार क्या हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। साथ ही, यह भी देखा गया कि क्या यह संपत्ति 25 अगस्त 2026 के उस अदालती फैसले के दायरे में आती है, जो इलाके में बड़े पैमाने पर निष्कासन और तोड़फोड़ से संबंधित था।
कोर्ट ने एक अहम बिंदु यह भी उठाया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड, जो इस संपत्ति का मूल अधिभोगी है, उसने NDMC की इस कार्रवाई को चुनौती देने के लिए अलग से कोई कदम नहीं उठाया है।
दूसरी ओर, एक श्रद्धालु द्वारा दायर अलग याचिका पर सुनवाई के दौरान 28 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि फिलहाल मस्जिद को गिराने की कोई तत्काल योजना नहीं है। अधिकारियों का तर्क है कि बिजली-पानी काटना केवल एक एहतियाती कदम था, ताकि लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) द्वारा चलाए जा रहे क्षेत्र सफाई और सुरक्षा कार्यों में कोई बाधा न आए।
वहीं, दिल्ली वक्फ बोर्ड का दावा है कि सभी बकाया भुगतान होने के बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली-पानी काट दिया गया। हालांकि, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि मस्जिद की संरचना को हटाने के लिए अब तक कोई औपचारिक बेदखली नोटिस जारी नहीं किया गया है।