कनॉट प्लेस में लौटा राहगिरी डे: इनर सर्कल बना कार-फ्री जोन, गूंजी यूफोरिया की धुनें

दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में एक बार फिर रविवार की सुबह कुछ अलग ही अंदाज में नजर आई। 4 अक्टूबर, 2026 को यहां 'राहगिरी डे' का आयोजन किया गया, जिसने शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे को पीछे छोड़ते हुए इनर सर्कल को पूरी तरह से कार-फ्री जोन में बदल दिया। सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक चले इस इवेंट में लोगों ने सेहत, पर्यावरण और खुशियों का जश्न मनाया।
इस आयोजन की कमान राहगिरी फाउंडेशन, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और फिट इंडिया ने संभाली, जिसे न्यू दिल्ली नगर परिषद (NDMC) का पूरा सहयोग मिला। इस दौरान इनर सर्कल की ओर जाने वाली सभी रेडियल सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही और पार्किंग पर पाबंदी लगाई गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की थी कि वे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें या आउटर सर्कल में स्थित ई-पार्किंग और DLF मल्टी-लेवल पार्किंग का सहारा लें।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सेंट्रल पार्क में मशहूर रॉक बैंड 'यूफोरिया' की लाइव परफॉर्मेंस रही, जिसने माहौल को जोश से भर दिया। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। NDMC के चेयरमैन मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि यह आयोजन महात्मा गांधी के सामुदायिक भागीदारी और स्वस्थ जीवन के सिद्धांतों पर आधारित है, जिससे नागरिकों को सुरक्षित सड़कें और स्वच्छ हवा मिल सके।
व्यापारियों ने जताया विरोध, सेहत और पर्यावरण की बात
एक तरफ जहां लोग इस पहल का स्वागत कर रहे थे, वहीं न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने इस पर अपनी नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना है कि व्यावसायिक क्षेत्र में ऐसे आयोजनों से उनके बिजनेस को नुकसान होता है, ट्रैफिक जाम लगता है और सुरक्षा जोखिम बढ़ जाते हैं। उन्होंने NDMC से मांग की कि इस तरह के कार्यक्रमों को किसी गैर-व्यावसायिक जगह पर शिफ्ट किया जाए।
दूसरी ओर, राहगिरी फाउंडेशन की सह-संस्थापक सारिका पांडा भट्ट ने इस पहल को एक विजन बताया, जहां बच्चे सुरक्षित साइकिल चला सकें और बुजुर्ग बिना किसी रुकावट के टहल सकें। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और फिट इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मयंक श्रीवास्तव ने 'संडे ऑन साइकिल' के एकीकरण की तारीफ करते हुए इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी पर्यावरण के लिए जरूरी बताया। दिल्ली के अधिकारी आशीष सूद ने भी टिकाऊ प्रथाओं और बेहतर सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि शहर को और अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।