पंजाबी बाग में DTC बस हादसे ने ली जान, परिजनों का भारी हंगामा
पंजाबी बाग में DTC बस हादसे में युवक की मौत के बाद गुस्सा फूटा। महीने में तीसरे बड़े हादसे के बाद DTC ने कड़े नियम लागू किए।

पश्चिम दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में एक बार फिर DTC बस काल बनकर आई। 28 अक्टूबर को एक भीषण सड़क हादसे में सोनू नाम के 22 वर्षीय युवक की जान चली गई, जो अपनी मोटरसाइकिल से जा रहा था। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में तनाव फैल गया और पीड़ित परिवार के साथ स्थानीय निवासियों ने सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गुस्से में आई भीड़ ने एक अन्य DTC बस में तोड़फोड़ भी की।
पश्चिम जिला डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी ड्राइवर तक पहुँचा जा सके। मामले में लापरवाही से मौत का केस दर्ज कर लिया गया है और एडिशनल डीसीपी अभिषेक गुप्ता ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
बढ़ते हादसों के बीच DTC ने कसी कमर
चिंता की बात यह है कि इस महीने DTC बसों की वजह से यह तीसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले 17 और 18 अक्टूबर को हुए हादसों में दो लोगों की मौत हुई थी और चार अन्य घायल हुए थे। लगातार हो रही मौतों के बाद DTC ने अब ड्राइवरों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं:
- मोबाइल फोन पर पाबंदी: ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- स्पीड मॉनिटरिंग: बसों की रफ्तार पर पैनी नजर रखी जा रही है और तय सीमा से तेज गाड़ी चलाने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
- सेफ्टी चेक: अब ड्राइवरों के लिए यह अनिवार्य है कि वे बस चलाने से पहले उसके आसपास के क्षेत्र की जांच करें।
- रैंडम चेकिंग: बस स्टॉप्स के नियमों का पालन कराने के लिए रोजाना 50 जगहों पर औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
DTC के नए प्रोटोकॉल के मुताबिक, गंभीर हादसों में शामिल ड्राइवरों को जांच तक सस्पेंड किया जाएगा और मौत के मामलों में दोषी पाए जाने पर उन्हें हमेशा के लिए नौकरी से निकाला जा सकता है। जवाबदेही तय करने के लिए सभी ड्राइवरों का रजिस्ट्रेशन 'बस मैनेजमेंट सिस्टम' पर किया जा रहा है।
वहीं, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी सार्वजनिक परिवहन के नियमों के उल्लंघन पर शिकंजा कसा है। ट्रैफिक जोन-II के एडिशनल कमिश्नर दिनेश कुमार गुप्ता के अनुसार, एक विशेष अभियान के तहत 154 बसों पर जुर्माना लगाया गया और दो बसों को खतरनाक ड्राइविंग के लिए जब्त किया गया। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने भी चेतावनी दी है कि जो ड्राइवर अधिकृत बस स्टॉप का उपयोग नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।