पंजाब में बढ़ी AAP सरकार की मुश्किलें: पेपर लीक के आरोपों और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से संकट

Kittu Kumari26 July 20262 min read63 viewsNational
पंजाब में बढ़ी AAP सरकार की मुश्किलें: पेपर लीक के आरोपों और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से संकट

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार इन दिनों दो बड़े मोर्चों पर घिरी हुई है। राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के गंभीर आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। 26 जुलाई 2026 से शुरू हुई इस हड़ताल और पेपर लीक विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।

- पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का बड़ा आरोप।

- BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

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- सफाई कर्मचारियों की अपनी मांगों के लिए 26 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल।

- बर्खास्तगी और पुरानी पेंशन योजना को लेकर सरकार से सीधी तनातनी।

पेपर लीक विवाद पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की मिलीभगत से प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और बेचे जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके साढ़े चार साल के कार्यकाल में कोई भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने केवल फिरोजपुर में फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा में हुई नकल की घटना को स्वीकारा है, जिसमें पेन कैमरे का इस्तेमाल हुआ था और 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। विपक्ष का दावा है कि PSTET और 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा समेत कम से कम 6 बड़े पेपर लीक हुए हैं, जबकि मनीष सिसोदिया ने इन आरोपों को केवल अफवाह बताया है।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ सकती है परेशानी

पेपर लीक के विवाद के बीच, पंजाब के सफाई कर्मचारियों ने 26 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी लंबे समय से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को पक्का करने, वेतन वृद्धि और पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग कर रहे हैं। पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। यह हड़ताल बरनाला में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद और अधिक तेज हो गई है, जिसके चलते एक DSP को भी सस्पेंड किया गया है। सरकार द्वारा मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने के कारण स्थिति और तनावपूर्ण बनी हुई है।

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