शाहजहांपुर में शनिवार दोपहर को पुलिस ने राष्ट्रीय जन लोक पार्टी और क्षत्रिय महासभा के समर्थकों को खुदागंज इलाके में हिरासत में ले लिया। ये सभी लोग यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानी UGC के कथित मनमाने फैसलों के खिलाफ नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, जिन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया।
यह घटना 21 अगस्त 2026 को हुए बड़े पैमाने के हंगामे के बाद सामने आई है, जब 'Reservation Reform Andolan' जिसे 'Reservation Hatao Andolan' भी कहा जाता है, उसके तहत हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए थे। इस आंदोलन का नेतृत्व NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे कर रहे थे और इसे General Sena, Chanakya Sena तथा Karni Sena जैसे संगठनों का समर्थन प्राप्त था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में सुधार किए जाएं और UGC के इक्विटी नॉर्म्स का विरोध किया जाए।
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पहले ही जंतर-मंतर पर जुटने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के अनधिकृत जमावड़े पर पूरी तरह प्रतिबंध है। पुलिस ने 500 लोगों के सीमित जमावड़े के लिए रामलीला मैदान का विकल्प सुझाया था, जिसे आयोजकों ने ठुकरा दिया। इसके चलते दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स यानी RAF और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP की भारी तैनाती की गई थी, और आरक्षित नीतियों तथा UGC नियमों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को कई लोगों को हिरासत में ले लिया।