जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़, दिल्ली पुलिस ने कई लोगों को लिया हिरासत में

देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को उस वक्त तनाव देखा गया जब जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे कई लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और भारी संख्या में बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि प्रदर्शनकारियों को मौके पर पहुंचने से रोका जा सके। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी गहमागहमी रही।
प्रदर्शन में शामिल एक महिला ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जंतर मंतर ही वह जगह है जहां देश की असली भावना और असहमति जताने का साहस दिखता है। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि उनकी 60 साल की मां ने उन्हें इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। महिला का कहना था कि उनकी मां को लगता है कि यह वह भारत नहीं है जिसके लिए उन्होंने सहमति दी थी। उन्होंने संविधान को एक अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) बताते हुए आरोप लगाया कि अब इस अनुबंध को खत्म किया जा रहा है, इसलिए आम लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और मेट्रो स्टेशनों की बंदी
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान एक छात्र ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसे इस तरह कैद किया गया है जैसे वह तिहाड़ जेल का कोई कैदी हो। उसने दावा किया कि वह केवल अपने दोस्तों के साथ वहां आया था और वह किसी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं था।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे CJP कार्यकर्ताओं के आह्वान के बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। सुरक्षा कारणों से राजधानी के कई प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया गया और करीब 46 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जुलाई 20 की तरह किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।