CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में भारी प्रदर्शन, भाजपा मुख्यालय के बाहर जुटे कार्यकर्ता

Kittu Kumari10 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में भारी प्रदर्शन, भाजपा मुख्यालय के बाहर जुटे कार्यकर्ता

देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को माहौल उस समय गरमा गया जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और लेफ्ट पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया।

यह पूरा विवाद चुनावी रोल में कथित गड़बड़ियों और 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वोटिंग अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए वे CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

नेताओं ने सरकार पर लगाया लोकतंत्र को कुचलने का आरोप

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इस प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन देते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केंद्र सरकार और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि लोकतांत्रिक संस्थानों और नागरिकों के मतदान अधिकारों पर गंभीर हमला हो रहा है। विजयन ने दिल्ली में भारी पुलिस बैरिकेडिंग और दमनकारी कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि जब सत्ता में बैठे लोग जनता की आवाज से डरने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र खतरे में है।

वहीं, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को एक 'किले' में बदल दिया गया है ताकि युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कुचला जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों से घबरा गई है।

इस बीच, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कार्यकर्ताओं ने भी इस आंदोलन में हिस्सा लिया। CJP कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने दावा किया कि उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं, CJP ने यह भी दावा किया कि कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया है।

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के चलते दिल्ली के कई एंट्री पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी रखी गई और खबर है कि 46 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया ताकि प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में इकट्ठा न हो सकें। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण कार्रवाई की गई।

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