मंदिर पुजारियों पर टिप्पणी: प्रियंका चतुर्वेदी ने नेहा बोरा के बयानों को बताया 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण'
शिव सेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने नेहा बोरा की मंदिर पुजारियों और ब्राह्मण महिलाओं पर की गई टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

शिव सेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मंदिर परिसर में ब्राह्मण महिलाओं की सुरक्षा और पुजारियों को लेकर दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा की गई टिप्पणियों को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि चाहे विचार वामपंथी हों या दक्षिणपंथी, किसी भी तरह की कट्टरपंथी सोच देश के लिए हानिकारक साबित होती है।
एक बयान में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि हालांकि वह वीडियो पुराना हो सकता है, लेकिन यह एक ऐसी मानसिकता को दर्शाता है जिसमें यह दावा किया गया कि मंदिरों में बलात्कार होते हैं, वे पुजारियों द्वारा किए जाते हैं और ब्राह्मण महिलाएं वहां सुरक्षित नहीं हैं। खुद को एक ब्राह्मण महिला बताते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या इस तरह की अपमानजनक और सामान्यीकृत भाषा का उपयोग करना उचित है? उन्होंने आगे कहा कि युवा नेताओं को अपनी बुद्धिमत्ता का उपयोग रचनात्मक सक्रियता के लिए करना चाहिए, न कि हर सामाजिक मुद्दे को केवल जाति और धर्म के चश्मे से देखना चाहिए।
राजनीतिक विवाद और भाजपा का हमला
इस मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा नेता आरपी सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं का एक समूह लोकतांत्रिक संस्थाओं और देश की संस्कृति के प्रति नफरत फैलाने का काम कर रहा है। आरपी सिंह के अनुसार, नेहा बोरा का बयान इसी मानसिकता का हिस्सा है, जिसे कांग्रेस ने अपना 'पोस्टर गर्ल' बनाया है।
वहीं, भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इस पूरे विवाद को 'शासन परिवर्तन' के नाम पर रची गई एक साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक घराने और उनके सहयोगी सनातन परंपरा और संविधान के खिलाफ दुर्भावना फैलाकर देश में अराजकता पैदा करना चाहते हैं। नकवी ने कहा कि यह सब केवल एक बहाना है, जबकि असल मकसद सनातन धर्म के प्रति असहिष्णुता दिखाना है।