प्रियंका चतुर्वेदी ने मतदाता सूची से नाम हटाने पर चुनाव आयोग को घेरा

शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने एसआईआर (SIR) के तहत मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने के तरीके को मनमाना और शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाकर जांच के दायरे में रखे गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह से नागरिकों की पूरी आबादी पर संदेह जताया जा रहा है कि उनके वोट असंवैधानिक हो सकते हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि आम नागरिकों पर अपनी नागरिकता साबित करने का भारी बोझ डाला जा रहा है। उनके अपने परिवार को भी व्यक्तिगत रूप से आकर नागरिकता के दस्तावेज दिखाने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि दस्तावेज दिखाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नागरिकों पर इस तरह का संदेह जताना और लोगों को लाइनों में खड़ा करना पूरी तरह से गलत है।
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के बेला एस्टेट का दौरा किया और निवासियों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद बेला एस्टेट में 728 लोगों में से 727 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इसे वोट चोरी का एक तरीका बताया और कहा कि घर होना या न होना वोट देने के अधिकार से जुड़ा नहीं है।