प्रिंस अलोइस ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, भारत के साथ रिश्तों को मिलेगी मजबूती
लिकटेंस्टीन के प्रिंस अलोइस और प्रिंसेस सोफी ने दिल्ली के राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। जानें उनकी भारत यात्रा की पूरी डिटेल।

लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस अलोइस और उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफी ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रिंस अलोइस की यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टीन के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और गहरा करने के उद्देश्य से की जा रही है।
प्रिंस अलोइस की यह आधिकारिक यात्रा 25 से 28 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है। राजघाट पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी मौजूद रहे। इससे पहले, राष्ट्रपति भवन में प्रिंस अलोइस का भव्य औपचारिक स्वागत किया गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका अभिनंदन किया।
व्यापार और तकनीक पर पीएम मोदी के साथ अहम चर्चा
अपनी इस यात्रा के दौरान प्रिंस अलोइस ने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार पर जोर दिया। विशेष रूप से 2025 में लागू हुए 'भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते' (TEPA) के महत्व पर चर्चा की गई, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी प्रिंस अलोइस से मुलाकात की और दोनों राष्ट्रों के बीच साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर बातचीत की। प्रिंस अलोइस का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे इससे पहले 2010, 2018 और इसी साल फरवरी 2026 में 'AI इम्पैक्ट समिट' के लिए भारत आ चुके हैं।
इस प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ अधिकारी और बिजनेस लीडर्स भी शामिल हैं, जिन्हें हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने रिसीव किया। प्रिंस अलोइस ने एक बार फिर नई दिल्ली के साथ अपने राजनयिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।