राष्ट्रपति भवन में प्रिंस अलोइस का स्वागत, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू रहे मौजूद
लिकटेंस्टीन के प्रिंस अलोइस ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी की मौजूदगी में शिरकत की। जानें उनकी भारत यात्रा का पूरा शेड्यूल।

भारत और लिकटेंस्टीन के बीच रिश्तों को एक नई ऊंचाई देने के लिए लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस अलोइस अपनी पत्नी प्रिंसेस सोफी के साथ भारत दौरे पर हैं। मंगलवार को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में एक भव्य औपचारिक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी उपस्थिति दर्ज कराई। इस खास मौके पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद रहे, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्रिंस अलोइस सोमवार को ही दिल्ली पहुंचे थे, इससे पहले उन्होंने मुंबई और वडोदरा का दौरा किया। उनके साथ एक उच्च स्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल और उद्योग जगत के दिग्गजों का एक बिजनेस डेलीगेशन भी भारत आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनयिक, व्यापारिक और आर्थिक सहयोग का विस्तार करना है। विशेष रूप से 2025 में लागू होने वाले भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) समझौते के बाद यह यात्रा और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
दिल्ली में अहम बैठकें और कार्यक्रम
राष्ट्रपति भवन के समारोह के बाद प्रिंस अलोइस का शेड्यूल काफी व्यस्त है। उनके कार्यक्रमों में शामिल हैं:
- राजघाट पर जाकर श्रद्धा सुमन अर्पित करना।
- हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता।
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी के साथ मुलाकात।
भारत और लिकटेंस्टीन के बीच राजनयिक संबंध 1993 में स्थापित हुए थे और साल 2023 में इन रिश्तों ने 30 साल पूरे किए। प्रिंस अलोइस का भारत से पुराना लगाव रहा है; वह इससे पहले 2010, 2018 और फरवरी 2026 में एआई इम्पैक्ट समिट के लिए दिल्ली आ चुके हैं। यह पूरी यात्रा बुधवार को संपन्न होगी, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल वापस अपने देश रवाना हो जाएगा।