विधायी नियमों में एकरूपता के लिए दिल्ली में जुटेंगे 6 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष
दिल्ली में 6 राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की बैठक होगी, जिसमें विधायी प्रक्रियाओं और नियमों में एकरूपता लाने पर चर्चा होगी।

देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आगामी 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के सरदार पटेल मार्ग स्थित ताज होटल में छह राज्यों के पीठासीन अधिकारियों (Presiding Officers) की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूरे देश की विधानसभाओं के लिए विधायी प्रक्रियाओं और आचरण नियमों का एक समान मॉडल तैयार करना है, ताकि कामकाज में एकरूपता बनी रहे।
लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित इस विशेष समिति की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश, नागालैंड, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और दिल्ली की विधानसभाओं के अध्यक्ष और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। बैठक के दौरान एक ड्राफ्ट रिपोर्ट और महत्वपूर्ण सिफारिशों की समीक्षा की जाएगी, जिसका लक्ष्य विधायी कार्यवाहियों को सरल बनाना और उनमें पारदर्शिता लाना है।
लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की कोशिश
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, जो इस समिति के सदस्य भी हैं, बैठक की शुरुआत में स्वागत भाषण देंगे। इस आयोजन में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नर्वेकर, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष गुरुपड़गौड़ा संगनगौड़ा पाटिल जैसे दिग्गज नेता शामिल होंगे।
बैठक की अहमियत पर जोर देते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह आयोजन विभिन्न विधायी संस्थानों के बीच संवाद, समन्वय और प्रक्रियात्मक अनुभवों को साझा करने का एक शानदार अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सामूहिक प्रयासों से लोकतांत्रिक परंपराएं मजबूत होंगी और देशभर की विधानसभाओं का संचालन अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा।
बैठक के समापन के बाद समिति के सदस्य मीडिया से रूबरू होंगे, जहाँ वे चर्चाओं के मुख्य बिंदुओं, प्रस्तावित सिफारिशों और एक समान मॉडल नियमों को अंतिम रूप देने के रोडमैप के बारे में विस्तार से जानकारी साझा करेंगे।