राष्ट्रपति मुर्मू ने सशस्त्र बलों के सम्मान में पहले 'राष्ट्रपति बॉडीगार्ड सोल्जरएथन' को दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार, 2 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण से पहले राष्ट्रपति बॉडीगार्ड सोल्जरएथन को आधिकारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो इस आयोजन की एक ऐतिहासिक शुरुआत है। इस अवसर को यादगार बनाने और इसके राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू ने एक स्पेशल पोस्टल कवर भी जारी किया (Source)।
सोल्जरएथन का उद्देश्य और इतिहास
इस सोल्जरएथन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच के बंधन को मजबूत करना है, जो भारत के सैन्य कर्मियों और राष्ट्रपति बॉडीगार्ड (PBG) की गौरवशाली 253 साल पुरानी विरासत को एक राष्ट्रीय श्रद्धांजलि है। राष्ट्रपति बॉडीगार्ड की स्थापना 1773 में हुई थी। PBG दुनिया की एकमात्र एयरबोर्न कैवलरी रेजिमेंट और भारतीय सशस्त्र बलों की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट होने का गौरव रखती है। "सपोर्टिंग रियल हीरोज – द आर्मड फोर्सेस ऑफ इंडिया" थीम और "रन फॉर सोल्जर्स, रन विद सोल्जर्स" विजन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम से होने वाली आय सशस्त्र बलों के पैरापलेजिया पुनर्वास केंद्र, युद्ध हताहत वार्डों के कल्याणकारी पहलों और सैनिकों के कल्याण कार्यक्रमों में सहायता करेगी, जिसमें PBG के घोड़ों और सैनिकों की सहायता भी शामिल है।
दौड़ की श्रेणियां और आयोजन की अन्य जानकारी
इस कार्यक्रम का मुख्य दौड़ स्थल दिल्ली छावनी का करियप्पा परेड ग्राउंड था। इस आयोजन में 3 किमी (वीर रन/वॉक), 5 किमी (महावीर रन/वॉक) और 10 किमी (परमवीर रन) की श्रेणियां शामिल थीं, साथ ही 10 किमी टीम चैंपियनशिप और परिवारों के लिए एक गैर-प्रतिस्पर्धी 'चीयर बडी' सेगमेंट भी था। यह आयोजन 'फिट इंडिया मूवमेंट' का समर्थन करता है और "से यस टू स्पोर्ट्स एंड नो टू ड्रग्स" का संदेश देता है। मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) वी.के. सिंह (सेवानिवृत्त) इस पहल के संरक्षक रहे। इस आयोजन को फिटिस्तान द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें वंडर सीमेंट मुख्य पार्टनर और भूटानी इंफ्रा पावर्ड-बाय पार्टनर थे।