राजधानी कॉलेज में मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर विशेष व्याख्यान और प्रदर्शनी का आयोजन, स्वतंत्रता आंदोलन का जीवंत दस्तावेज बताया साहित्य

Kittu Kumari3 August 20261 min read31 viewsDelhi Local
राजधानी कॉलेज में मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर विशेष व्याख्यान और प्रदर्शनी का आयोजन, स्वतंत्रता आंदोलन का जीवंत दस्तावेज बताया साहित्य

दिल्ली के राजधानी कॉलेज में शुक्रवार, 31 जुलाई को हिंदी साहित्य परिषद की तरफ से एक विशेष व्याख्यान और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती और 'प्रेमचंद का योगदान' विषय पर आधारित था। इस कार्यक्रम में कॉलेज के बड़ी संख्या में छात्रों, रिसर्चर्स और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर दर्शन पांडे द्वारा दीप प्रज्वलित करके और स्वागत भाषण के साथ हुई।

प्रेमचंद का साहित्य और प्रासंगिकता


प्रोफेसर दर्शन पांडे ने अपने संबोधन में प्रेमचंद के निरंतर महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह लेखक साहित्य प्रेमियों के बीच हमेशा प्रासंगिक बने रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के सभी दस्तावेज खो भी जाएं, तो भी प्रेमचंद का साहित्य उस ऐतिहासिक काल की जीवंत भावना को सुरक्षित रखेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर पांडे ने आनंद प्रकाश त्रिपाठी द्वारा रचित लेखक को समर्पित कविता "ओ प्रेमचंद" का पाठ भी किया।

मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय के विचार


मुंबई यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के अध्यक्ष और सीनियर प्रोफेसर डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने पुष्टि की कि प्रेमचंद का साहित्य भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक जीवंत और आवश्यक दस्तावेज है। इसके साथ ही उन्होंने प्रेमचंद को तुलसीदास के बाद हिंदी साहित्य के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में से एक बताया।

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