दिल्ली: एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट प्रणवी उर्स को अनुराग ठाकुर ने दिया 1 करोड़ का चेक

दिल्ली गोल्फ क्लब में आयोजित इंडिया चैंपियनशिप के दौरान एक शानदार नजारा देखने को मिला, जब भारत की पहली महिला गोल्फ गोल्ड मेडलिस्ट प्रणवी उर्स को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने उन्हें 1 करोड़ रुपये का चेक सौंपा। यह सम्मान उन्हें आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद दिया गया है, जिसने भारतीय गोल्फ के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा है।
इस खास मौके पर दिल्ली गोल्फ क्लब के अध्यक्ष राज खन्ना, आईजीपीएल (IGPL) के सीईओ उत्तम सिंह मुंडी, भारत गोल्फ प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मानव जैनी और टेनिस दिग्गज लीएंडर पेस भी मौजूद रहे। यह सम्मान समारोह एएम ग्रीन आईजीपीएल द्वारा डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप के दूसरे दौर के दौरान आयोजित किया गया था। इस इवेंट में दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिससे इस सम्मान की चमक और बढ़ गई।
भारतीय गोल्फ के लिए एक नई मिसाल
प्रणवी की इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रणवी ने भारतीय गोल्फ को वह उपलब्धि दिलाई है जिसका इंतजार लंबे समय से था। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज जो लड़कियां गोल्फ सीखना शुरू करेंगी, उनके पास अब एक एशियाई खेलों की चैंपियन है जिसे वे अपना आदर्श मान सकती हैं।
वहीं, अपनी इस उपलब्धि पर भावुक प्रणवी उर्स ने कहा, "मेरे लिए अपने देश में इस तरह पहचान मिलना बहुत मायने रखता है। पिछले दो हफ्ते किसी सपने की तरह बीते हैं। मैं अनुराग ठाकुर जी और एएम ग्रीन आईजीपीएल की आभारी हूं जिन्होंने इस दोपहर को यादगार बनाया। यह पदक उन सभी का है जिन्होंने शुरुआत से मेरा साथ दिया।"
बता दें कि 23 वर्षीय प्रणवी ने जापान में 3 अक्टूबर को इतिहास रचा था। फाइनल राउंड में एक समय अपनी बढ़त खोने के बावजूद, उन्होंने जबरदस्त वापसी की और 15-अंडर 265 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस जीत ने भारत के 24 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया, क्योंकि इससे पहले 2002 में शिव कपूर ने व्यक्तिगत गोल्ड जीता था। इसके अलावा, प्रणवी ने अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई थी।
आईजीपीएल के सीईओ उत्तम सिंह मुंडी ने प्रणवी को 'पाथ-ब्रेकर' बताते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि को देश के सबसे बड़े गोल्फ मंच पर सेलिब्रेट किया जाना जरूरी था।