जंतर मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात, CJP ने कहा- 'अपनी ही जनता से लड़ रही सरकार'

चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की कॉल के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों को तैनात किया गया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर के कई प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया गया है और 46 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया है, ताकि जुलाई की तरह कोई हिंसक स्थिति पैदा न हो।
इस बार पुलिस की रणनीति अलग है। तैनात पुलिसकर्मियों की वर्दी पर बॉडी कैमरे लगाए गए हैं, जो अंधेरे में भी रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। पुलिस का कहना है कि ये कैमरे इसलिए लगाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की मारपीट या गलत आरोपों की स्थिति में सच्चाई सामने आ सके और पुलिस की कार्रवाई का प्रमाण रहे। सुरक्षा के लिए 35,000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात हैं, साथ ही ड्रोन, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और सीसीटीवी कैमरों से पूरी निगरानी रखी जा रही है।
CJP कार्यकर्ताओं ने लगाया 'डर' का आरोप
दूसरी ओर, CJP कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने मुंबई से दिल्ली पहुँचते ही सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी तैनाती सरकार के डर को दर्शाती है। डिपके ने सवाल उठाया कि मेट्रो, रेलवे और इंटरनेट जैसी सुविधाओं को बाधित करने की क्या जरूरत थी? उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री युवाओं और देश की जनता से डरे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से बलों को बुलाकर दिल्ली में तैनात करना यह दिखाता है कि क्या मोदी और शाह अपनी ही जनता के खिलाफ युद्ध छेड़ रहे हैं?"
अभिजीत ने आगे कहा कि विरोध करना उनका मौलिक अधिकार है और वे लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है या उन पर UAPA या NSA लगाया जाता है, तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे।
बता दें कि यह प्रदर्शन चुनावी सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) की जवाबदेही तय करने के लिए बुलाया गया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, लेकिन CJP ने जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों को जुटने का आह्वान किया है। पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि विरोध करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाए। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को छह निर्धारित केंद्रों, जैसे छत्रसाल स्टेडियम और यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि में भेजने की तैयारी है।