पुलिस स्मृति दिवस: 154 पुलिसकर्मियों ने पिछले साल दी शहादत, नेशनल पुलिस मेमोरियल में दी गई श्रद्धांजलि

देश की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले वीर जवानों को याद करते हुए बुधवार को 'पुलिस स्मृति दिवस' मनाया गया। नई दिल्ली स्थित नेशनल पुलिस मेमोरियल में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के डायरेक्टर डॉ महेश दीक्षित ने उन सभी पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
इस मौके पर डॉ महेश दीक्षित ने एक चौंकाने वाला और भावुक कर देने वाला आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि बीते एक साल के भीतर देश के 154 पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी निभाते हुए शहादत दी है। वहीं, अगर आजादी के बाद से अब तक का हिसाब देखा जाए, तो कुल 36,852 पुलिसकर्मियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी जान गंवाई है।
1959 की उस वीरता की याद में मनाया जाता है यह दिन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईबी डायरेक्टर ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को भारत-चीन सीमा पर एक सशस्त्र चीनी सैन्य टुकड़ी का मुकाबला करते समय सीआरपीएफ (CRPF) के 10 जांबाज जवानों ने अपनी जान दे दी थी। इस दल का नेतृत्व इंटेलिजेंस ब्यूरो के डीसीआईओ करम सिंह कर रहे थे। उन्हीं वीर जवानों के बलिदान की याद में हर साल 21 अक्टूबर को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
डॉ दीक्षित ने यह भी जानकारी दी कि इस अवसर पर केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राज्यों की राजधानियों, जिलों और स्थानीय पुलिस थानों में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली में आयोजित संयुक्त परेड में बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनएसजी, असम राइफल्स, आरपीएफ, एनडीआरएफ और दिल्ली पुलिस के जवानों ने हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2019 की सिफारिशों के अनुसार, 22 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक नेशनल पुलिस मेमोरियल में विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शहीद जवानों के परिवार भी शामिल होंगे।
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के जरिए पुलिसकर्मियों की वीरता और प्रतिबद्धता को सलाम किया। उन्होंने लिखा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराधों से लड़ने और आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों की रक्षा करने में पुलिस का योगदान अमूल्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन बहादुर जवानों का साहस और समर्पण देश की यादों में हमेशा जीवित रहेगा।