पुलिस स्मृति दिवस: शहीदों के बलिदान को नमन, अमित शाह ने दिया ड्रग-मुक्त भारत का मंत्र

देशभर में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस 2026 बेहद सम्मान और गर्व के साथ मनाया गया। यह दिन उन जांबाज पुलिसकर्मियों की याद में समर्पित है, जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इस मौके पर नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेशनल पुलिस मेमोरियल में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ देश के वीर सपूतों की शहादत को याद किया गया।
इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। समारोह के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और दिल्ली पुलिस द्वारा एक संयुक्त परेड निकाली गई। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक ने पिछले एक साल में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के नामों को पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि इस साल कुल 154 पुलिसकर्मियों को उनके बलिदान के लिए सम्मानित किया गया।
ड्रग्स के खिलाफ देशव्यापी अभियान का आगाज़
शहीदों को नमन करने के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस बलों को एक नई और बड़ी चुनौती के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने देश को नशामुक्त बनाने के लिए साल 2029 तक एक विशेष अभियान चलाने की अपील की। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने 'फाइट अगेंस्ट ड्रग्स' थीम पर आधारित एक राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय बलों के करीब 90 राइडर्स शामिल हैं, जो 31 अक्टूबर को एकता नगर, गुजरात में होने वाली एकता परेड तक सफर करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए पुलिस बलों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस की अहम भूमिका की सराहना की। वहीं, स्थानीय स्तर पर दक्षिण जिला पुलिस ने भी इस दिन को श्रद्धापूर्वक मनाया, जहाँ डीसीपी दक्षिण दिल्ली ने शहीदों के साहस और समर्पण को सलाम किया।
बता दें कि 21 अक्टूबर की तारीख का विशेष महत्व है, क्योंकि 1959 में इसी दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में दस पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। आजादी के बाद से अब तक कुल 36,852 पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी के दौरान प्राण न्यौछावर किए हैं। 2018 में स्थापित नेशनल पुलिस मेमोरियल की 'वॉल ऑफ वेलोर' पर इन सभी वीर अधिकारियों के नाम अंकित हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को उनके साहस की याद दिलाते रहेंगे।