ग्रेटर नोएडा: PNB बैंक में 35 करोड़ की 'डिजिटल डकैती', कई खाते हुए खाली
ग्रेटर नोएडा के PNB बैंक में करोड़ों की डिजिटल धोखाधड़ी। FD और बचत खातों से पैसे गायब, कई कर्मचारी सस्पेंड।

ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सेक्टर पाई-1 शाखा एक बड़े घोटाले का केंद्र बन गई है। यहाँ करीब 35 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसे पीड़ित 'डिजिटल डकैती' करार दे रहे हैं। इस घटना ने कई परिवारों की जीवन भर की जमा पूंजी छीन ली है, जिससे लोग सड़क पर आ गए हैं।
इस घोटाले की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ितों के खातों से बिना किसी ओटीपी (OTP) या नोटिफिकेशन के पैसे गायब कर दिए गए। संजय नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी 10 साल की दिव्यांग बेटी के इलाज के लिए रखे 1 लाख रुपये खाते से गायब हो गए। वहीं, गौतम नामक व्यक्ति के पिता की 94 लाख रुपये की एफडी (FD) अचानक खत्म हो गई और खाते में सिर्फ 16,000 रुपये बचे।
धोखाधड़ी का यह जाल काफी गहरा है। हनिफ खान के 39 लाख, किसान विजेंद्र सिंह के 87 लाख, एक महिला के मुआवजे के 1.18 करोड़ और ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी के 25 लाख रुपये इस फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ गए। हालांकि शुरुआती जांच में यह आंकड़ा 35 करोड़ बताया जा रहा है, लेकिन स्थानीय किसान यूनियनों का दावा है कि यह गबन 150 करोड़ रुपये तक का हो सकता है।
बैंक मैनेजर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड, पुलिस जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने शाखा प्रबंधक सहित पांच कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बीटा-2 पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। बैंक के बाहर गुस्साए खाताधारकों और किसान यूनियन के सदस्यों को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पीएनबी के सतर्कता विभाग (Vigilance Team) ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। बैंक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद 7 से 15 दिनों के भीतर प्रभावित ग्राहकों के पैसे वापस कर दिए जाएंगे। फिलहाल, पीड़ित परिवार अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।