रेप केस में PMCH छात्र की अग्रिम जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने की खारिज
दिल्ली हाई कोर्ट ने पटना मेडिकल कॉलेज के छात्र अक्षय आदित्य की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि मामले में कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक गंभीर मामले में पटना मेडिकल कॉलेज (PMCH) के छात्र अक्षय आदित्य को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने हजरत निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन में दर्ज एक बलात्कार मामले में आरोपी छात्र की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। जस्टिस सचिन दत्ता ने यह फैसला सुनाते हुए आरोपी को दी गई पिछली अंतरिम सुरक्षा को भी वापस ले लिया है।
पूरा मामला इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती से शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, उसकी मुलाकात अक्षय आदित्य से नवंबर 2025 में इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि दिसंबर 2025 में गाजियाबाद के वैशाली स्थित एक होटल में और फिर मार्च 2026 में निजामुद्दीन इलाके के एक घर में यौन संबंध बनाए गए। इस मामले में 29 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
कस्टोडियल पूछताछ को कोर्ट ने बताया जरूरी
सुनवाई के दौरान जस्टिस दत्ता ने एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि किसी रिश्ते में रहने की सहमति का मतलब यह कतई नहीं है कि उस रिश्ते में होने वाली हर यौन गतिविधि के लिए सहमति दी गई हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में जबरन यौन संबंध बनाने के आरोप हैं, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अदालत ने आरोपी की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने अपना मोबाइल फोन खो जाने और इंस्टाग्राम चैट हिस्ट्री डिलीट होने की बात कही है, जो संदेह पैदा करता है। कोर्ट ने माना कि चूंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए मामले की गहराई तक जाने के लिए कस्टोडियल पूछताछ अनिवार्य है। इसी आधार पर कोर्ट ने अक्षय आदित्य को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मोहित माथुर और विधा दत्ता मखीजा ने पैरवी की, जबकि प्रत्यर्थी की तरफ से सीनियर एडवोकेट वारिशा फरासत कोर्ट में पेश हुईं।