पीएम-उदय योजना: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के 4.5 लाख लोगों को मिल रहा मालिकाना हक

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही पीएम-उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों को बड़ी राहत दी जा रही है। 1,511 पात्र अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले करीब 4.5 मिलियन (45 लाख) यानी लगभग साढ़े चार लाख निवासियों को उनके घरों का औपचारिक मालिकाना हक दिया जा रहा है। सरकार द्वारा इस प्रक्रिया को बेहद आसान और समयबद्ध बनाया गया है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। दिल्ली सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक विशेष प्रणाली तैयार की है। आधिकारिक पीएम-उदय पोर्टल के माध्यम से सभी योग्य आवेदक अपनी प्रॉपर्टी के मालिकाना हक यानी ओनरशिप डीड़ के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से आवेदन करने वाले नागरिकों के लिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और घर बैठे पूरी होने वाली बन गई है। सरकार की तरफ से इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निश्चित समय सीमा तय की गई है। तय नियमों के अनुसार, जीआईएस सर्वे के लिए सात दिन, आवेदन में किसी भी तरह की त्रुटि या गलती को सुधारने के लिए 15 दिन और कन्वेयंस डीड यानी मालिकाना हक का दस्तावेज जारी करने के लिए 45 दिन का समय निर्धारित किया गया है। इन सभी जरूरी उपायों को #SevaSankalpAbhiyan अभियान के तहत लागू किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की इन कॉलोनियों के निवासियों को उनके घरों के मालिकाना हक को कानूनी रूप से वैध और औपचारिक बनाने में पूरी मदद करना है ताकि वे बिना किसी चिंता के अपने घरों में रह सकें।