दिल्ली में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का क्रेज, 2 हफ्ते में आए 60 हजार आवेदन

Kittu Kumari4 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का क्रेज, 2 हफ्ते में आए 60 हजार आवेदन

राजधानी दिल्ली के लोग अब बिजली बिलों से छुटकारा पाने के लिए सोलर एनर्जी की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महज दो हफ्तों के भीतर ही इस योजना के लिए 60,000 से ज्यादा आवेदन जमा हो चुके हैं। सरकारी आंकड़ों की मानें तो हर दिन औसतन 4,000 आवेदन आ रहे हैं, जो यह दिखाता है कि दिल्लीवासी मुफ्त बिजली और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा को अपनाने के लिए कितने उत्सुक हैं।

इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत 21 सितंबर, 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की थी। यह योजना केंद्र सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) और दिल्ली प्रशासन के साझा प्रयासों का परिणाम है। फिलहाल दिल्ली ऊर्जा विभाग इन आवेदनों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में जुटा है ताकि जल्द से जल्द घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा सकें। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक कुल 2.3 लाख घरों को सौर ऊर्जा प्रणालियों से लैस करना है।

सब्सिडी और आवेदन की पूरी जानकारी

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इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी सब्सिडी है। जो उपभोक्ता महीने में 400 यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए दिल्ली सरकार 3 किलोवाट तक के सोलर पैनल का पूरा खर्च उठाएगी। यह सुविधा 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर दी जा रही है। वहीं, यदि कोई उपभोक्ता 3 किलोवाट से अधिक की क्षमता का पैनल लगवाता है, तो उसे केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 1,56,000 रुपये तक की संयुक्त सब्सिडी मिलेगी, जिसमें दोनों सरकारों का योगदान 78,000-78,000 रुपये होगा।

योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं:

  • आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
  • वह अपने घर का मालिक हो और उसके पास एक वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए।
  • आवेदक ने पहले किसी अन्य सोलर पैनल सब्सिडी का लाभ न लिया हो।

आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। इच्छुक निवासी अपने बिजली मीटर के CA नंबर के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस स्कीम का मकसद न केवल हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना है, बल्कि घरेलू बिजली बिलों में 70 से 90 प्रतिशत तक की कटौती करना है। खास बात यह है कि उपभोक्ता अपनी जरूरत से ज्यादा पैदा होने वाली बिजली को ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकेंगे।

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