पीएम मोदी ने विजयदशमी पर दिया संदेश, देश के दुश्मनों के खिलाफ एकजुट होने का किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित विजयदशमी उत्सव के दौरान देशवासियों से एक विशेष अपील की है। 20 अक्टूबर 2026 को अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के दुश्मनों के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़ने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और प्राथमिकताओं को सर्वोपरि रखना समय की मांग है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में 'नेशन फर्स्ट' (राष्ट्र प्रथम) के दृष्टिकोण को सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने कहा कि विभाजक ताकतों का मुकाबला करने के लिए केवल राजनीतिक कदम काफी नहीं हैं, बल्कि आम जनता की भावनाओं और विचारों का राष्ट्रीय हित के साथ तालमेल होना जरूरी है। बुराई पर अच्छाई की जीत के पारंपरिक दशहरे के संदेश को जोड़ते हुए उन्होंने आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुटता का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
पीएम मोदी के इस संबोधन ने राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है। जहां एक ओर समर्थकों का मानना है कि दीर्घकालिक स्थिरता और प्रगति के लिए ऐसा एकीकृत दृष्टिकोण अनिवार्य है, वहीं दूसरी ओर आलोचकों का तर्क है कि इस तरह के बयानों का उद्देश्य राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाना हो सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में उन 'दुश्मनों' की स्पष्ट पहचान नहीं की, जिससे अब अलग-अलग राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में विपक्षी दल इस संबोधन पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। फिलहाल, सरकार का पूरा ध्यान राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक एकजुटता के नैरेटिव को मजबूत करने पर केंद्रित नजर आ रहा है।