PM मोदी आज दिल्ली में करेंगे ESTIC 2026 साइंस और इनोवेशन कॉन्क्लेव का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय ESTIC 2026 कॉन्क्लेव का आगाज करेंगे, जिसमें नोबेल विजेता भी शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव' (ESTIC 2026) का भव्य शुभारंभ करेंगे। यह तीन दिवसीय आयोजन 29 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य विज्ञान और तकनीक के जरिए भविष्य की चुनौतियों का समाधान ढूंढना है। "क्रिएटिव माइंड्स, कैटलाइजिंग साइंस, एम्पॉवरिंग टेक्नोलॉजीज" की थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव देश को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस आयोजन को काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR), भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय और CSIR-NIIST ने मिलकर तैयार किया है। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस समिट का मकसद अलग-अलग तकनीकी कार्यक्रमों को एक साझा वैश्विक मंच पर लाना है, ताकि शोध और नवाचार का सीधा लाभ समाज कल्याण और व्यावसायिक परिणामों में मिल सके।
नोबेल विजेताओं की मौजूदगी और डीप-टेक स्टार्टअप्स का जलवा
इस कॉन्क्लेव की सबसे खास बात यह है कि इसमें दुनिया के तीन दिग्गज नोबेल पुरस्कार विजेता—प्रोफेसर जोआचिम फ्रैंक, सर रिचर्ड जे. रॉबर्ट्स और प्रोफेसर कोस्त्या नोवोसेलोव शामिल हो रहे हैं। साथ ही, यहाँ एक विशाल प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसमें भारत की स्वदेशी उपलब्धियों को दिखाया जाएगा। इसमें करीब 150 डीप-टेक स्टार्टअप्स के स्टॉल होंगे, जिन्हें दूसरे दिन से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
कार्यक्रम को 12 अलग-अलग विषयों में बांटा गया है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोटेक्नोलॉजी, ऊर्जा और जलवायु विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने के लिए 'ग्लोबल कनेक्ट नेटवर्किंग इवेंट' का आयोजन किया गया है, जिसमें दुनिया भर के करीब 300 विशेषज्ञ और शिक्षाविद हिस्सा ले रहे हैं।
डॉ. सिंह ने एक दिलचस्प बात साझा करते हुए कहा कि अब देश के छोटे शहरों से भी स्टार्टअप्स की बाढ़ आ रही है, जहाँ लगभग 50% से 60% नए स्टार्टअप्स उभर रहे हैं। इस बदलाव को दिखाने के लिए कॉन्क्लेव में टेक्नोलॉजी डेमो, डॉक्यूमेंट्री और वर्चुअल रियलिटी (VR) का सहारा लिया गया है, ताकि उद्यमिता के बदलते स्वरूप को करीब से देखा जा सके।