पीएम मोदी ने दिल्ली में 'चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल कॉन्फ्रेंस' का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया, जिसमें 9000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का भव्य शुभारंभ किया। यह आयोजन चिन्मय मिशन की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित साल भर चले समारोहों का समापन है। स्वामी चिन्मयानंद द्वारा 1951 में शुरू किए गए इस मिशन का मुख्य उद्देश्य वेदांत और भगवद गीता के ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना रहा है।
इस वैश्विक सम्मेलन में भारत और विदेशों से करीब 9,000 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जो 25 अक्टूबर तक चलने वाले विभिन्न सत्रों में शामिल होंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पिछले दशकों में समाज के प्रति चिन्मय मिशन के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
आध्यात्मिक चेतना और युवाओं का जुड़ाव
इस महाकुंभ की तैयारी के लिए साल भर कई विशेष पहल की गईं। इनमें भगवद गीता का तमिल संस्करण जारी करना, सामूहिक हवन और त्रिपुरा में माँ सौंदर्य चिन्मयी मंदिर का प्रतिष्ठापन शामिल था। एक खास अभियान 'चिन्मय गीता समर्पणम' के तहत दुनिया भर के एक लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक पाठ किया। इसके अलावा 'चिन्मय अमृत यात्रा' के जरिए युवाओं की एक टीम ने देश भर में 40,000 किलोमीटर की यात्रा कर गीता का संदेश फैलाया।
कॉन्फ्रेंस के दौरान आध्यात्मिक गुरुओं के प्रेरक सत्र, वेदिक मंत्रोच्चार, संगीत प्रस्तुतियां और अद्वैत दर्शन पर आधारित एक विशेष कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही 'चिन्मय एक्सपीरियंस' प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
चिन्मय मिशन के ग्लोबल हेड स्वामी स्वरूपानंद ने इस अवसर पर युवाओं को श्रीमद् भगवद गीता से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिशन का लक्ष्य ऐसे जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तैयार करना है, जो राष्ट्र के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें।