पीएम मोदी आज दिल्ली में करेंगे 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट और एक्सपो 2026' का उद्घाटन
पीएम मोदी दिल्ली के भारत मंडपम में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 का उद्घाटन करेंगे। जानें इस मेगा इवेंट की खास बातें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट और एक्सपो 2026 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह चार दिवसीय भव्य आयोजन 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री शाम करीब 4:30 बजे इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जहां वे स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य पर अपना विजन साझा करेंगे।
इस समिट की थीम "इन्वेस्ट, इनोवेट, इंस्पायर" (Invest. Innovate. Inspire.) रखी गई है। यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि दुनिया भर के ऊर्जा विशेषज्ञों का एक बड़ा संगम है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस आयोजन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसमें 40 से ज्यादा मंत्री, नीति निर्माता, बड़े निवेशक और इंडस्ट्री लीडर्स शामिल होंगे, जो मिलकर दुनिया को हरित ऊर्जा की ओर ले जाने की रणनीति बनाएंगे।
ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर पावर पर रहेगा जोर
इस शिखर सम्मेलन के दौरान मुख्य रूप से क्लीन एनर्जी इन्वेस्टमेंट, तकनीकी साझेदारी, ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी स्टोरेज और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। खास बात यह है कि यह समिट इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) की 9वीं असेंबली और ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICGH) के साथ आयोजित की जा रही है।
भारत की अपनी उपलब्धियों की बात करें तो नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश ने अब तक 308 गीगावाट (GW) की नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल कर ली है। भारत का लक्ष्य 2030 तक इसे 500 गीगावाट तक पहुंचाना है, जिसके लिए 2027 से 2030 के बीच करीब 220 बिलियन डॉलर के निवेश की जरूरत होगी।
इस मेगा इवेंट में भारत के 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता और निवेश की संभावनाओं का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम जैसे प्रमुख देश इस समिट में भारत के पार्टनर के तौर पर शामिल हैं।