प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दिल्ली में भजन क्लबिंग कार्यक्रम में लिया हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित 'भajan Clubbing' (भजन क्लबिंग) कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की और जन कल्याण तथा राष्ट्रीय विकास के लिए उनके 'अंत्योदय' के दर्शन की सराहना की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद किया और कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का उत्थान राष्ट्र निर्माण की नींव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से इस विचारक की विरासत को अपनाने का आग्रह किया और सामाजिक तथा राष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पूरा करने का संकल्प लेने को कहा। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री ने निरंतर प्रयास और साहस के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम भी साझा किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय (1916-1968) एक राजनीतिक विचारक, अर्थशास्त्री और भारतीय जनसंघ के नेता थे। उन्होंने 'राष्ट्र धर्म', 'पाञ्चजन्य' और दैनिक 'स्वदेश' पत्रिकाओं की शुरुआत की थी। उपाध्याय के एकात्म मानववाद, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भरता के विचार आज भी भाजपा के मिशन को आकार दे रहे हैं।
25 सितंबर 1916 को जन्मे पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विचारक और भारतीय जनसंघ के पूर्व नेता थे। वह दिसंबर 1967 में जनसंघ के अध्यक्ष बने थे। 11 फरवरी 1968 को उनका निधन हो गया था और उनका शव मुगल सराय जंक्शन के पास मिला था, जिसका नाम बदलकर अब दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कर दिया गया है। कानपुर के सनातन धर्म कॉलेज में छात्र जीवन के दौरान वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे और उन्होंने पार्टी को वैचारिक ढांचा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।